करोना 19 के आयुर्वेदिक उपचार
करोना 19 में हमारे शरीर में वात प्रकृति बढ़ जाती है। शरीर में वात बढने से खुश्की आ जाती है जैसे मुंह व होंठों का सुखना, बालों व नाखुनो में रूखापन आ जाना , दिमाग का ठीक से काम नहीं करना।
जब शरीर में वात बढ़ता है तो सबसे अधिक फेफड़े प्रभावित होते हैं। फेफड़ों में सुजन आने लगती है।सुजन के कारण फेफड़ों के आक्सीजन खिंचने वाले रोम छिद्र बंद हो जाते हैं जिससे रोगी को सांस लेने में तकलीफ़ होती हैं।आक्सीजन की मात्रा कम होने से दिमाग तक आक्सीज नहीं पहुंचती पाती और मरीज का दिमाग भ्रमित होने लगता है।कुछ सुझाई नहीं देता और शपष्ता नहीं रहती।इस कारण शरीर और दिमाग दोनों का संबंध आपस में कट जाता है। शरीर में वात बढने से मुख नहीं लगती और कुछ खाना अच्छा नहीं लगता। इसलिए हमें शरीर में पित्त की मात्रा को बढाने के लिए घी का सेवन करना चाहिए। घी के सेवन से वात कम हो जाता है।
- वात को कम करने के उपचार
- 1.रात को सोने से पहले नाखुनो और नाभि में शुद्ध देशी गाय का घी लगाएं।
2.रोटी और चावल खाते समय घी डालकर सेवन करें।
3.सोचना कम करें और जल्दबाजी के व्यवहार को ठहराव दे।
4खुश्की बढ़ाने वाले आहार जैसे मूंगफली, सूखे मेवे,दाल और मांसाहार से परहेज़ करें।
5.8बादाम ,8किशमिश 2अजीर को रात में पानी में भिगोकर सुबह हल्दी वाले दूध के साथ सेवन करें।
6.अनाज का सेवन कम करें, फल खाए।
7.नीद भरपूर मात्रा में लें।
8.पैर के तलवों पर घी की मालिश करें।
9.तेल ,मसाले और तली हुई चीजें कम खाए।
10 मीठे का सेवन कम से कम करें।
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